भोपाल:- मध्य प्रदेश से सरकारी चावल की सप्लाई को लेकर एक बड़ा मामला सामने आया है। भारतीय खाद्य निगम (FCI) द्वारा एथेनॉल उत्पादन के लिए भेजी गई चावल की खेप निर्धारित स्थान तक पहुंचने के बजाय एक निजी राइस मिल में मिलने से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। शुरुआती जांच में इस पूरे घटनाक्रम को सरकारी अनाज के संभावित दुरुपयोग और सरकारी राजस्व को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
FCI Rice Ethanol Scam:- एथेनॉल के चावल पर बड़ा खेल
FCI Rice Ethanol Scam:- जानकारी के अनुसार, एफसीआई के गोदाम से जारी की गई चावल की खेप छिंदवाड़ा स्थित एक एथेनॉल प्लांट तक पहुंचाई जानी थी। परिवहन के दौरान ट्रक अपने तय गंतव्य तक नहीं पहुंचा और बालाघाट जिले की एक निजी राइस मिल में खड़ा मिला। जैसे ही इस संबंध में सूचना मिली, स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।
पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई में ट्रक से लगभग 242.55 क्विंटल चावल बरामद किया गया। यह चावल करीब 490 बोरियों में भरा हुआ था। अधिकारियों ने पूरे माल को जब्त कर लिया है और ट्रक को भी कब्जे में लेकर दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी गई है। अब यह पता लगाया जा रहा है कि ट्रक अपने निर्धारित रूट से हटकर निजी मिल तक कैसे पहुंचा और इसके पीछे किसकी भूमिका थी।
जांच एजेंसियां ट्रांसपोर्ट से जुड़े दस्तावेज, परिवहन आदेश और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी की भी जांच कर रही हैं। यह भी देखा जा रहा है कि कहीं सरकारी अनाज को अवैध रूप से निजी कारोबार में इस्तेमाल करने की कोई साजिश तो नहीं रची गई थी। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल उत्पादन के लिए आवंटित सरकारी चावल का उपयोग केवल निर्धारित औद्योगिक इकाई में ही किया जा सकता है। ऐसे में यदि सरकारी अनाज को किसी अन्य स्थान पर पहुंचाया जाता है, तो यह सार्वजनिक वितरण प्रणाली और सरकारी संसाधनों की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि यह केवल परिवहन में हुई लापरवाही थी या फिर सरकारी चावल की हेराफेरी की कोई सुनियोजित कोशिश। मामले में आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर की जाएगी।
