Swiggy Zomato Warning: आज के समय में ऑनलाइन खाना ऑर्डर करना लोगों की डेली लाइफ का हिस्सा बन गया है। कुछ ही क्लिक में घर बैठे पसंद का खाना मिल जाता है, लेकिन अब लोग सिर्फ स्वाद और कीमत ही नहीं देखना चाहते। खाने में कितनी चीनी, नमक और सैचुरेटेड फैट है, इसे लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ रही है। इसी बीच एक नए सर्वे में सामने आया है कि बड़ी संख्या में कंज्यूमर चाहते हैं कि फूड डिलीवरी और ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म पर ऐसे फूड प्रोडक्ट्स के साथ साफ Warning Label दिया जाए, जिनमें इन चीजों की मात्रा ज्यादा है।
Swiggy Zomato Warning:- सर्वे में क्या सामने आया?
लोकल सर्कल्स के इस सर्वे में देश के 328 जिलों के लोगों को शामिल किया गया। इसमें 1.08 लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी राय दी। सर्वे के आंकड़ों से पता चलता है कि ज्यादातर लोग चाहते हैं कि ऑनलाइन फूड खरीदते समय उन्हें प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी चेतावनी पहले ही दिखाई दे, ताकि ऑर्डर करने से पहले वे बेहतर फैसला ले सकें।
ऑनलाइन लिस्टिंग पर भी दिखे Warning Label
सर्वे में 89 प्रतिशत लोगों ने कहा कि Warning Label सिर्फ प्रोडक्ट के डिटेल पेज पर नहीं होना चाहिए, बल्कि जिस जगह प्रोडक्ट की लिस्टिंग दिखाई जाती है, वहीं भी साफ नजर आना चाहिए। कुछ लोगों ने केवल डिटेल पेज पर चेतावनी दिखाने का समर्थन किया। कुल मिलाकर करीब 91 प्रतिशत कंज्यूमर ऑनलाइन Warning Label के पक्ष में नजर आए। इसका मतलब साफ है कि ग्राहक ऐसी जानकारी को छिपे हुए सेक्शन में नहीं, बल्कि प्रोडक्ट देखते समय ही सामने देखना चाहते हैं।
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ज्यादा नमक, चीनी या फैट वाले फूड पर हो चेतावनी
सर्वे का एक और अहम हिस्सा खाने में मौजूद नमक, चीनी और सैचुरेटेड फैट से जुड़ा है। करीब 80 प्रतिशत लोगों का कहना है कि अगर किसी पैकेज्ड फूड में इनमें से किसी एक की मात्रा ज्यादा है, तो उसके बारे में शुरुआत में ही Warning दिखाई जानी चाहिए। यानी ग्राहक जब कोई प्रोडक्ट सर्च करे या उसकी लिस्टिंग देखे, तभी उसे पता चल जाए कि उसमें इन चीजों की मात्रा ज्यादा है। इससे वह अपनी पसंद के हिसाब से दूसरा प्रोडक्ट भी चुन सकता है।
Warning Label बड़ा और आसानी से दिखने वाला हो
सिर्फ Warning Label लगाना ही काफी नहीं है। सर्वे में करीब 88 प्रतिशत लोगों ने कहा कि चेतावनी का साइज ऐसा होना चाहिए जिसे ग्राहक आसानी से देख सके। इसका मतलब यह है कि Warning को छोटे अक्षरों या ऐसे हिस्से में नहीं रखा जाना चाहिए, जिसे देखने के लिए ग्राहक को अलग से काफी जानकारी पढ़नी पड़े। इतनी ही संख्या में लोगों ने यह भी कहा कि अगर इस तरह के नियम लागू किए जाते हैं, तो कंपनियों को उन्हें ज्यादा समय तक टालना नहीं चाहिए और करीब छह महीने के अंदर इसे लागू कर देना चाहिए।
FSSAI की कार्रवाई के बीच बढ़ी चर्चा
फूड सेफ्टी को लेकर यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है, जब Food Safety and Standards Authority of India यानी FSSAI की ओर से फूड से जुड़े स्टोर्स और डिलीवरी सिस्टम की जांच को लेकर भी काफी चर्चा है। ऐसे में लोगों का फोकस सिर्फ खाना साफ-सुथरी जगह पर तैयार हुआ या नहीं, इस पर ही नहीं है। अब लोग यह भी जानना चाहते हैं कि जो खाना वे खरीद रहे हैं, उसमें आखिर कितना नमक, चीनी और फैट मौजूद है।
क्या Swiggy और Zomato पर दिखेगा ऐसा Label?
अगर भविष्य में इस तरह के नियम लागू होते हैं, तो Swiggy और Zomato जैसे प्लेटफॉर्म पर फूड प्रोडक्ट देखते समय ग्राहकों को ज्यादा स्पष्ट जानकारी मिल सकती है। खासकर पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स के मामले में इसका असर ज्यादा देखने को मिल सकता है। FSSAI की तरफ से पैकेज्ड फूड और ड्रिंक्स के लिए लाल रंग के Hexagon यानी छह कोनों वाले Warning Label को लेकर भी चर्चा होती रही है। इसका मकसद ग्राहक को प्रोडक्ट से जुड़ी जरूरी जानकारी आसानी से समझाना है।
ग्राहकों के लिए क्यों जरूरी है Warning Label?
मान लीजिए किसी ग्राहक के सामने दो मिलते-जुलते प्रोडक्ट हैं और उनमें से एक में नमक या चीनी की मात्रा काफी ज्यादा है। अगर यह जानकारी उसे शुरुआत में ही साफ दिखाई देती है, तो उसके पास दूसरा विकल्प चुनने का मौका होगा।
यही वजह है कि अब बड़ी संख्या में कंज्यूमर चाहते हैं कि ऑनलाइन फूड खरीदते समय जरूरी Warning को नजरअंदाज करना मुश्किल हो। आखिरकार, ग्राहक जितना ज्यादा informed होगा, वह अपने खाने को लेकर उतना ही बेहतर फैसला ले पाएगा। फिलहाल इस सर्वे ने एक बात जरूर साफ कर दी है कि ऑनलाइन फूड खरीदने वाले ग्राहक अब सिर्फ convenience नहीं चाहते। वे यह भी जानना चाहते हैं कि उनके खाने में क्या है और उसे खरीदने से पहले उन्हें जरूरी जानकारी साफ-साफ दिखाई जाए।
