Nepal Gen-Z protests 2025 : पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी की घर में आग से मौत
9 सितंबर 2025
नेपाल में चल रहे Gen-Z के नेतृत्व वाले उग्र प्रदर्शनों के बीच एक दर्दनाक घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया। पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल की पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार की मौत उस समय हो गई जब प्रदर्शनकारियों ने उनके काठमांडू स्थित आवास को आग के हवाले कर दिया। इस त्रासदी ने उन प्रदर्शनों की हिंसक प्रकृति को उजागर कर दिया है, जिनमें अब तक कम से कम 21 लोगों की जान जा चुकी है और प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को इस्तीफा देने पर मजबूर होना पड़ा है।
Nepal Gen-Z protests 2025: सोशल मीडिया प्रतिबंध से शुरू हुई “Gen-Z क्रांति”
8 सितंबर 2025 को काठमांडू में शुरू हुआ यह आंदोलन देखते-देखते पोखरा और बीरतनगर जैसे शहरों तक फैल गया। सरकार ने पिछले सप्ताह Facebook, Instagram, WhatsApp और YouTube समेत 26 सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर प्रतिबंध लगाया था। तर्क यह दिया गया था कि इससे फेक न्यूज़ और साइबर अपराध पर रोक लगेगी।
लेकिन युवाओं ने इसे सीधा-सीधा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हमला माना। पहले से ही भ्रष्टाचार, भाई-भतीजावाद और बेरोज़गारी से परेशान युवा वर्ग सड़कों पर उतर आया।
सड़कों पर उग्र भिड़ंत
VPN और वैकल्पिक ऐप्स (जैसे Signal और Viber) के ज़रिए प्रदर्शनकारियों ने तेजी से भीड़ जुटाई। राजधानी की सड़कों पर गूंजे नारे—“प्रतिबंध खत्म करो!” और “भ्रष्टाचार बंद करो!”
जवाब में पुलिस ने आंसू गैस, रबर की गोलियां और यहां तक कि जिंदा गोलियां चलाईं। केवल पहले दिन ही 19 मौतें और 300 से अधिक लोग घायल हुए।
झलनाथ खनाल के घर पर हमला और पत्नी की मौत
सबसे भयावह घटना तब हुई जब भीड़ ने पूर्व प्रधानमंत्री झलनाथ खनाल के दल्लू स्थित घर को घेर लिया और आग लगा दी।
उनकी पत्नी राज्यलक्ष्मी चित्रकार (68) घर में ही फंस गईं। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन कुछ घंटों बाद उनकी मौत हो गई।
खनाल ने बयान जारी करते हुए कहा:
“यह प्रदर्शन नहीं, यह बर्बरता है। मेरी पत्नी का गुनाह सिर्फ इतना था कि वह एक सार्वजनिक सेवक की पत्नी थीं।”
इस घटना ने पूरे नेपाल में सदमे की लहर पैदा कर दी।
सरकार का संकट और इस्तीफ़ा
तेज़ी से बिगड़ते हालात ने प्रधानमंत्री ओली को झुका दिया।
– 9 सितंबर को उन्होंने सोशल मीडिया प्रतिबंध हटाने की घोषणा की
– और उसी दिन प्रधानमंत्री पद से इस्तीफ़ा भी दे दिया।
राष्ट्रपति राम चंद्र पौडेल ने सर्वदलीय बैठक बुलाकर अंतरिम सरकार बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
– संयुक्त राष्ट्र और एमनेस्टी इंटरनेशनल ने हिंसा और पुलिस की कार्रवाई की निंदा की।
– भारत ने सीमा पार अस्थिरता की आशंका जताते हुए अपने नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी।
– अमेरिका और यूरोपीय देशों ने भी संवाद और शांति की अपील की।
आगे का रास्ता
नेपाल की 40% से अधिक आबादी 25 साल से कम उम्र की है। यही युवा अब लोकतांत्रिक बदलाव की मांग कर रहे हैं। उनकी मांगें स्पष्ट हैं:
– भ्रष्टाचार पर कड़ा कानून
– योग्यता आधारित नौकरियाँ
– शासन में पारदर्शिता
राज्यलक्ष्मी चित्रकार की मौत इस आंदोलन का सबसे दुखद प्रतीक बन गई है—यह याद दिलाने के लिए कि जनता के गुस्से और व्यवस्था की नाकामी की कीमत अक्सर निर्दोषों को चुकानी पड़ती है।
