Taazatime18Taazatime18
  • ABOUT US
  • privacy policy
  • Terms & Conditions
  • contact us
  • Disclaimer
  • ताज़ा
  • Business
  • health
  • Electronics
  • देश – विदेश
  • क्रिकेट
  • मनोरंजन
  • टेक्नॉलजी
  • automobile
  • Tech News
  • Innovation
Reading: Google AI Cyber Attack: AI की मदद से तैयार हुआ Zero-Day Attack, Google ने लाखों यूजर्स का डेटा बचाया
Share
Sign In
Notification Show More
Font ResizerAa
Taazatime18Taazatime18
Font ResizerAa
  • ABOUT US
  • privacy policy
  • Terms & Conditions
  • contact us
  • Disclaimer
  • ताज़ा
  • Business
  • health
  • Electronics
  • देश – विदेश
  • क्रिकेट
  • मनोरंजन
  • टेक्नॉलजी
  • automobile
  • Tech News
  • Innovation
Have an existing account? Sign In
Follow US
  • ABOUT US
  • privacy policy
  • Terms & Conditions
  • contact us
  • Disclaimer
  • ताज़ा
  • Business
  • health
  • Electronics
  • देश – विदेश
  • क्रिकेट
  • मनोरंजन
  • टेक्नॉलजी
  • automobile
  • Tech News
  • Innovation
© 2025 Taazatime18.com. All Rights Reserved.
Taazatime18 > Tech News > Google AI Cyber Attack: AI की मदद से तैयार हुआ Zero-Day Attack, Google ने लाखों यूजर्स का डेटा बचाया
Tech News

Google AI Cyber Attack: AI की मदद से तैयार हुआ Zero-Day Attack, Google ने लाखों यूजर्स का डेटा बचाया

vishalmathur
Last updated: 2026/05/13 at 9:45 PM
vishalmathur
Share
8 Min Read
Google AI Cyber Attack
image source: AI generated
SHARE

Google AI Cyber Attack: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आज दुनिया को बदल रहा है। यह तकनीक जहां लोगों के काम को आसान बना रही है, वहीं साइबर अपराधियों के लिए भी एक शक्तिशाली हथियार बनती जा रही है। हाल ही में Google की Threat Intelligence Team ने एक ऐसे साइबर हमले का खुलासा किया है जिसने पूरी टेक इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। कंपनी के अनुसार, हैकर्स ने पहली बार AI की मदद से एक Zero-Day Vulnerability खोजी और उसके आधार पर बड़े स्तर पर हमला करने की तैयारी कर ली थी। अगर यह हमला सफल हो जाता, तो लाखों यूजर्स और संगठनों का संवेदनशील डेटा खतरे में पड़ सकता था।

Google के मुताबिक यह कमजोरी एक लोकप्रिय ओपन-सोर्स वेब-बेस्ड सिस्टम एडमिनिस्ट्रेशन टूल में मौजूद थी। सुरक्षा कारणों से कंपनी ने उस सॉफ्टवेयर का नाम सार्वजनिक नहीं किया। राहत की बात यह रही कि Google ने समय रहते इस खामी की पहचान कर संबंधित डेवलपर्स को इसकी जानकारी दी और पैच जारी होने से पहले ही हमले की योजना विफल हो गई।

Google AI Cyber Attack: Zero-Day Attack क्या होता है?

Zero-Day Attack साइबर दुनिया का सबसे खतरनाक हमला माना जाता है। इसमें हैकर्स किसी सॉफ्टवेयर की ऐसी कमजोरी का फायदा उठाते हैं जिसके बारे में सॉफ्टवेयर बनाने वाली कंपनी को पहले से जानकारी नहीं होती। जब तक कंपनी को उस खामी का पता चलता है और सुरक्षा अपडेट जारी किया जाता है, तब तक हमलावर सिस्टम में सेंध लगा सकते हैं। यही वजह है कि Zero-Day Vulnerabilities को साइबर सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा माना जाता है।

AI ने खोजी ऐसी खामी जिसे इंसानी विशेषज्ञ भी नहीं पकड़ पाए

Google की रिपोर्ट के अनुसार, इस बार AI ने सिर्फ कोई सामान्य कोडिंग गलती नहीं ढूंढी। उसने सॉफ्टवेयर के पूरे लॉजिक को समझकर एक Semantic Logic Flaw की पहचान की। इसका मतलब है कि कमजोरी कोड की किसी एक लाइन में नहीं थी, बल्कि सिस्टम जिस तरह व्यवहार कर रहा था, उसी में एक सुरक्षा खामी मौजूद थी।

यानी AI ने यह समझ लिया कि डेवलपर का उद्देश्य क्या था और सॉफ्टवेयर वास्तव में कैसे काम कर रहा था। इसी अंतर का फायदा उठाकर संभावित हमलावर एक ऐसा एक्सप्लॉइट तैयार कर रहे थे जो पारंपरिक सुरक्षा उपायों को भी चकमा दे सकता था।

Google को कैसे पता चला कि कोड AI से तैयार हुआ था?

Google के साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों ने एक्सप्लॉइट कोड का विश्लेषण किया और उसमें कई ऐसे संकेत पाए जो आमतौर पर AI द्वारा तैयार किए गए कोड में दिखाई देते हैं। कोड बेहद व्यवस्थित था, हर हिस्से में विस्तार से टिप्पणियां लिखी गई थीं और एक गलत CVSS सिक्योरिटी स्कोर भी शामिल था, जिसे AI Hallucination माना गया।

Google का कहना है कि इन संकेतों के आधार पर उसे पूरा भरोसा है कि इस एक्सप्लॉइट को विकसित करने में किसी उन्नत AI मॉडल की मदद ली गई थी।

2FA जैसी सुरक्षा भी हो सकती थी बेअसर

रिपोर्ट के अनुसार यह Zero-Day Exploit इतना शक्तिशाली था कि इसके जरिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) जैसी अतिरिक्त सुरक्षा परतों को भी बायपास किया जा सकता था। अगर ऐसा हो जाता, तो हमलावर बिना अतिरिक्त सत्यापन के यूजर अकाउंट्स और सर्वर तक पहुंच बना सकते थे।

इसके बाद वे संवेदनशील डेटा चोरी कर सकते थे, सिस्टम पर Remote Code Execution कर सकते थे और यहां तक कि पूरे सर्वर का नियंत्रण अपने हाथ में ले सकते थे।

चीन और उत्तर कोरिया के साइबर समूह तेजी से अपना रहे हैं AI

Google की रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि चीन और उत्तर कोरिया से जुड़े कई हैकर समूह AI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा रहे हैं। ये समूह AI की मदद से नई कमजोरियां खोज रहे हैं, एक्सप्लॉइट तैयार कर रहे हैं और ऑटोमेटेड सिक्योरिटी टेस्टिंग कर रहे हैं।

कुछ मामलों में हैकर्स AI को ऐसे निर्देश देते पाए गए मानो वह कोई अनुभवी नेटवर्क सिक्योरिटी एक्सपर्ट हो। AI उन निर्देशों के आधार पर राउटर फर्मवेयर और अन्य सिस्टम्स में गंभीर सुरक्षा खामियां खोजने का प्रयास कर रहा था।

GitHub के Vulnerability Database से मिल रही ट्रेनिंग

Google ने अपनी रिपोर्ट में wooyun-legacy नाम के एक बड़े Vulnerability Database का भी जिक्र किया। इसमें 85,000 से ज्यादा वास्तविक साइबर कमजोरियों का रिकॉर्ड मौजूद है। माना जा रहा है कि हमलावर इस तरह के डेटासेट का इस्तेमाल AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कर रहे हैं।

जब AI को हजारों वास्तविक कमजोरियों के उदाहरण दिखाए जाते हैं, तो वह नए सिस्टम्स में भी उसी तरह के पैटर्न पहचानने में अधिक सक्षम हो जाता है।

AI अब साइबर अपराधियों का सबसे बड़ा हथियार

यह घटना बताती है कि AI अब सिर्फ कंटेंट लिखने या कोडिंग में मदद करने वाला टूल नहीं रहा। साइबर अपराधी इसका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से कर रहे हैं। AI की मदद से वे कम समय में अधिक प्रभावी और जटिल हमले तैयार कर पा रहे हैं।

इसका मतलब है कि आने वाले समय में साइबर हमले पहले से कहीं अधिक तेज, स्मार्ट और खतरनाक हो सकते हैं।

टेक कंपनियों की बढ़ी चिंता

AI के दुरुपयोग को लेकर बड़ी टेक कंपनियां अब अधिक सतर्क हो गई हैं। कई कंपनियां अपने उन्नत AI मॉडल को सार्वजनिक करने से पहले सुरक्षा परीक्षणों पर विशेष ध्यान दे रही हैं ताकि उनका गलत इस्तेमाल न हो सके।

Google की यह रिपोर्ट इस बात का स्पष्ट संकेत है कि AI और साइबर सुरक्षा अब एक-दूसरे से गहराई से जुड़ चुके हैं।

आम यूजर्स को क्या करना चाहिए?

हालांकि इस तरह के हमले मुख्य रूप से बड़े संगठनों को निशाना बनाते हैं, लेकिन आम यूजर्स को भी सावधान रहना चाहिए। सभी सॉफ्टवेयर और ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट करना, मजबूत पासवर्ड का उपयोग करना, Multi-Factor Authentication सक्षम करना और संदिग्ध ईमेल या लिंक से बचना बेहद जरूरी है।

इसके अलावा महत्वपूर्ण डेटा का नियमित बैकअप रखना भी सुरक्षा की दृष्टि से एक अच्छा कदम है।

Google द्वारा पकड़ा गया यह AI-Generated Zero-Day Attack तकनीकी दुनिया के लिए एक गंभीर चेतावनी है। अब खतरा केवल इंसानी हैकर्स से नहीं, बल्कि ऐसे AI सिस्टम से भी है जो खुद नई कमजोरियां खोज सकते हैं और उनके आधार पर साइबर हमले तैयार कर सकते हैं। जैसे-जैसे AI और अधिक शक्तिशाली होता जाएगा, साइबर सुरक्षा की चुनौती भी उतनी ही जटिल होती जाएगी। आने वाले समय में डिजिटल दुनिया की सबसे बड़ी लड़ाई शायद AI से होने वाले हमलों और AI से ही किए जाने वाले बचाव के बीच होगी।

Share this:

  • Share on Facebook (Opens in new window) Facebook
  • Share on X (Opens in new window) X

Related

TAGGED: Google AI Cyber Attack

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.
[mc4wp_form]
By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article Instagram Reel Viral Trick Instagram Reel Viral Trick: लाखों Views चाहिए? Instagram की 3 सेकंड वाली ट्रिक आपकी Reel को Viral बना सकती है
Next Article Bihar Education Minister Bihar Education Minister:बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के बयान पर मचा बवाल..
Leave a comment Leave a comment

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Taazatime18Taazatime18
Follow US
© 2025 Taazatime18.com All Rights Reserved.
  • ABOUT US
  • privacy policy
  • Terms & Conditions
  • contact us
  • Disclaimer
  • ताज़ा
  • Business
  • health
  • Electronics
  • देश – विदेश
  • क्रिकेट
  • मनोरंजन
  • टेक्नॉलजी
  • automobile
  • Tech News
  • Innovation
Go to mobile version
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?