Union Budget 2026: केंद्रीय बजट 2026 को लेकर देशभर में हलचल तेज हो चुकी है। आम आदमी से लेकर उद्योग जगत तक, हर किसी की नजर 1 फरवरी पर टिकी हुई है। बजट सिर्फ आंकड़ों का खेल नहीं होता, बल्कि यह सरकार की नीतियों, प्राथमिकताओं और आने वाले साल की आर्थिक दिशा को तय करता है।
इस बार भी सारी निगाहें वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर हैं, जो अगर तय कार्यक्रम के अनुसार बजट पेश करती हैं, तो यह उनका नौवां बजट होगा। ऐसे में एक बार फिर चर्चा तेज है—
क्या इस बार बजट भाषण लंबा होगा या संक्षिप्त?
और अब तक भारत के इतिहास में सबसे लंबा बजट भाषण किसका रहा है?
Union Budget 2026: इतिहास का सबसे लंबा बजट भाषण किसने दिया?
अगर समय की बात करें, तो भारतीय बजट इतिहास में सबसे लंबा भाषण देने का रिकॉर्ड निर्मला सीतारमण के नाम दर्ज है। साल 2020 में उन्होंने संसद में बजट पेश करते हुए करीब 2 घंटे 42 मिनट तक लगातार भाषण दिया था। यह अब तक का सबसे लंबा बजट भाषण माना जाता है। दिलचस्प बात यह है कि उन्होंने यह रिकॉर्ड खुद के ही पुराने रिकॉर्ड को तोड़ते हुए बनाया था। 2019 में भी उनका बजट भाषण करीब 2 घंटे 17 मिनट का था, जिसे उस समय काफी लंबा माना गया था।
हाल के वर्षों में क्यों छोटे हो गए बजट भाषण?
2020 के बाद से बजट भाषणों की शैली में साफ बदलाव देखने को मिला है।
समय के साथ सरकार ने बजट दस्तावेजों को ज्यादा concise और point-to-point बनाने की कोशिश की।
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2024 का अंतरिम बजट:
निर्मला सीतारमण ने इसे महज 56 मिनट में पूरा कर दिया। यह उनके पूरे कार्यकाल का सबसे छोटा बजट भाषण रहा। -
2025 का पूर्ण बजट:
भाषण की अवधि लगभग 1 घंटा 17 मिनट रही, जो 2020 के मुकाबले काफी संक्षिप्त था।
इससे साफ संकेत मिलता है कि अब सरकार लंबी स्पीच के बजाय साफ और केंद्रित प्रस्तुति पर जोर दे रही है।
शब्दों के हिसाब से सबसे लंबा बजट भाषण कौन सा था?
अगर समय नहीं, बल्कि शब्दों की संख्या को पैमाना बनाया जाए, तो रिकॉर्ड कुछ और ही कहानी कहता है।
भारत के आर्थिक इतिहास का सबसे चर्चित बजट—
साल 1991 का बजट, जिसे उस समय के वित्त मंत्री मनमोहन सिंह ने पेश किया था।
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यह भाषण करीब 18,650 शब्दों का था
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आज भी इसे शब्दों के हिसाब से सबसे लंबा बजट भाषण माना जाता है
इस बजट ने न सिर्फ रिकॉर्ड बनाए, बल्कि देश की आर्थिक दिशा ही बदल दी।
दूसरे नंबर पर कौन सा बजट रहा?
शब्दों की संख्या के मामले में दूसरा स्थान
साल 2018 के बजट का रहा, जब वित्त मंत्री अरुण जेटली ने करीब 18,604 शब्दों का भाषण दिया था।
बजट 2026 से क्या उम्मीद?
अब सवाल यही है कि
क्या Budget 2026 में फिर कोई नया रिकॉर्ड बनेगा?
या सरकार छोटे लेकिन असरदार भाषण की रणनीति पर कायम रहेगी?
यह तो 1 फरवरी को ही साफ होगा, लेकिन इतना तय है कि बजट चाहे लंबा हो या छोटा, उसकी नीतियों का असर देश की अर्थव्यवस्था और आम जनता दोनों पर गहराई से पड़ेगा।
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