Rail neer new price: रेलवे का 1 रुपये वाला ‘फायदा’ जनता के लिए नहीं, सिर्फ दिखावा!
रेलवे बोर्ड ने हाल ही में Rail Neer पानी की बोतलों की कीमतें कम करने का ऐलान किया। 1 लीटर की बोतल अब 15 रुपये की बजाय 14 रुपये और 500ml की बोतल 10 रुपये की बजाय 9 रुपये में मिल रही है। सुनने में अच्छा लगता है, लेकिन असली हकीकत कुछ और ही है।
असल में, आम जनता को इससे कोई असली फायदा नहीं हो रहा। स्टेशन पर बोतल अब भी अक्सर 15 रुपये में ही बिकती है। 1 रुपये की कटौती वापस मांगना या देना दोनों ही मुश्किल है। कर्मचारी कहते हैं, “1 रुपया खुला नहीं है,” और लोग अक्सर इसे मांगने की हिम्मत भी नहीं करते।
Rail neer new price: भारत में नियम बनाने का खेल
यह सिर्फ एक छोटी मिसाल है, लेकिन पूरे भारत में ऐसे नियम और फैसले बिना जमीन की हकीकत देखे ही बन जाते हैं। रेलवे के अधिकारी, जो पढ़े-लिखे माने जाते हैं, शायद आंकड़ों और रिपोर्टों के ऊपर भरोसा करते हैं, लेकिन असली यात्री के लिए इसका कोई मतलब नहीं।
मतलब साफ है – बोर्ड फैसले ले रहा है, लोग वही पुरानी कीमत पर पानी खरीद रहे हैं। यह सिर्फ एक “नंबर का खेल” है – दिखावे के लिए फायदा और हकीकत में जनता की जेब पर बोझ।
असली हालात
आम आदमी के लिए मतलब यह हुआ कि 1 रुपये की बचत के चक्कर में बोतल का असली दाम वही का वही। और अधिकारियों के लिए – रिपोर्ट में टिक मार्क और खुश होने के लिए हेडलाइन तैयार!
रेलवे के ये फैसले सिर्फ कागज़ पर फायदा दिखाते हैं, असल जमीन पर आम जनता का हाल वही है। भारत में यह पैटर्न आम हो गया है – बिना सोच-समझ के नियम बन जाते हैं, और जनता ही जूझती रहती है।
