Kancha Gachibowli Forest:सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम , हैदराबाद के कंचा गाचीबौली क्षेत्र में पेड़ों की कटाई पर तत्काल रोक
नई दिल्ली – भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने हैदराबाद स्थित कंचा गाचीबौली क्षेत्र में जारी वृक्ष कटाई एवं खुदाई कार्यों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। यह आदेश 3 अप्रैल 2025 को न्यायमूर्ति बी.आर. गवई और न्यायमूर्ति ए.जी. मसीह की पीठ ने पारित किया।
Kancha Gachibowli Forest:सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण आदेश-

यह निर्णय मीडिया रिपोर्ट्स और पर्यावरण कार्यकर्ताओं द्वारा उठाई गई चिंताओं के आधार पर लिया गया, जिसमें बताया गया था कि हैदराबाद विश्वविद्यालय के समीप लगभग 400 एकड़ वन क्षेत्र को विकास कार्यों के लिए साफ किया जा रहा है।
शहरी वन की जैविक विरासत
कंचा गाचीबौली का यह वन क्षेत्र न केवल एक शहरी जंगल है, बल्कि यह विभिन्न जैव विविधताओं का घर भी है। इस क्षेत्र में दुर्लभ प्रजातियों के वृक्ष, पक्षी, कीट एवं छोटे स्तनधारी जीव पाए जाते हैं। यह इलाका पर्यावरणीय दृष्टिकोण से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है और शहर के तापमान, वायु गुणवत्ता तथा जल संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
न्यायालय की सख्ती
सुप्रीम कोर्ट ने न केवल कार्य पर रोक लगाई, बल्कि तेलंगाना उच्च न्यायालय के न्यायिक रजिस्ट्रार को निर्देश दिया कि वह स्थल का निरीक्षण कर एक अंतरिम स्थिति रिपोर्ट प्रस्तुत करें। अदालत ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार को किसी भी प्रकार के विकास कार्यों के लिए पर्यावरणीय नियमों का कठोरता से पालन करना अनिवार्य है।
स्थानीय विरोध और जनचेतना
इस निर्णय से पहले छात्रों, स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण प्रेमियों द्वारा भारी विरोध प्रदर्शन भी किए गए थे। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि विकास के नाम पर हरित क्षेत्र को नष्ट करना आने वाली पीढ़ियों के भविष्य के साथ अन्याय है।
सरकार और समाज के लिए संदेश
सुप्रीम कोर्ट का यह आदेश न केवल पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम है, बल्कि यह देशभर के विकास परियोजनाओं के लिए एक स्पष्ट संकेत भी है — कि विकास और पर्यावरण संतुलन साथ-साथ ही चल सकते हैं।
