दिल्ली-NCR में इस बार गर्मी ने समय से पहले ही दस्तक दे दी है। आमतौर पर मार्च को बसंत और हल्की गर्मी का महीना माना जाता है, लेकिन 2026 में तस्वीर बिल्कुल उलटी नजर आ रही है। महीने की शुरुआत से ही सूरज की तीखी तपिश लोगों को बेहाल कर रही है और दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा छाने लगा है।
मौसम के जानकारों का कहना है कि आने वाले कुछ दिनों में राजधानी का मौसम और ज्यादा गर्म होने वाला है। खासतौर पर 5 से 6 मार्च के बीच तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो आम तौर पर अप्रैल के आख़िरी या मई की शुरुआत में देखने को मिलता है।
Delhi Weather Update:- क्यों मार्च में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस हो रही है?
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार सर्दी का सीजन अपेक्षाकृत छोटा और कमजोर रहा। फरवरी महीने में भी सामान्य से ज्यादा तापमान दर्ज किया गया, जिससे जमीन और वातावरण पहले ही गर्म हो चुका था। इसी वजह से मार्च शुरू होते ही तापमान तेजी से ऊपर चढ़ने लगा।
इसके अलावा उत्तर भारत में पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) की सक्रियता कम रही, जिससे ठंडी हवाएं दिल्ली तक नहीं पहुंच पाईं। नतीजा यह हुआ कि दिन का तापमान लगातार बढ़ता चला गया।
मौसम विभाग का ताजा अनुमान क्या कहता है?
भारत मौसम विज्ञान विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक मार्च के पहले सप्ताह में ही गर्मी का असर साफ दिखाई देगा।
-
1 मार्च के आसपास अधिकतम तापमान 32–33°C के बीच रह सकता है
-
5 से 6 मार्च तक पारा 35°C को छू सकता है
-
रात का न्यूनतम तापमान 17–18°C के आसपास रहने की संभावना
-
फिलहाल तेज हवाएं चल रही हैं, लेकिन आगे चलकर इनके कमजोर पड़ने के आसार हैं
हवाओं की रफ्तार कम होते ही गर्मी और ज्यादा चुभने लगेगी, खासकर दोपहर के समय।
फरवरी में ही चलने लगे पंखे-AC, अब क्या होगा हाल?
दिल्ली में इस बार फरवरी के महीने में ही लोगों ने पंखे और एयर कंडीशनर चलाना शुरू कर दिया था। दोपहर के वक्त घरों के अंदर भी उमस और गर्मी महसूस होने लगी थी। अब मार्च में तापमान के इस उछाल के साथ बिजली की खपत बढ़ने और पानी की मांग में इजाफा होने की भी संभावना है।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर यही ट्रेंड जारी रहा तो अप्रैल की शुरुआत से ही लू जैसे हालात बनने लगेंगे।
होली के दिन भी सताएगी गर्मी?
मौसम को लेकर जो संकेत मिल रहे हैं, उनके मुताबिक होली के आसपास भी राहत की उम्मीद कम है। तेज धूप, गर्म हवाएं और बढ़ता तापमान त्योहार के रंग में खलल डाल सकता है। ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को खास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
समुद्री बदलाव और बढ़ती गर्मी का कनेक्शन
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि प्रशांत महासागर में चल रही जलवायु गतिविधियों का असर भी भारत के मौसम पर दिखने लगा है। फिलहाल ला-नीना की स्थिति कमजोर पड़ रही है और सिस्टम न्यूट्रल फेज की ओर बढ़ रहा है।
आने वाले महीनों में अगर एल-नीनो विकसित होता है, तो इसका सीधा असर मानसून पर पड़ सकता है। कमजोर मानसून का मतलब —
-
बारिश में कमी
-
लंबे समय तक गर्मी
-
सूखे जैसी स्थिति की आशंका
यही वजह है कि 2026 में मार्च-अप्रैल के महीनों में ही रिकॉर्ड तोड़ गर्मी पड़ने की चेतावनी दी जा रही है।
आगे क्या सावधानी जरूरी है?
तेजी से बदलते मौसम को देखते हुए विशेषज्ञ सलाह दे रहे हैं कि लोग अभी से खुद को गर्मी के लिए तैयार करें।
-
दोपहर 12 से 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें
-
हल्के और सूती कपड़े पहनें
-
पानी और तरल पदार्थ ज्यादा लें
-
बच्चों और बुजुर्गों का खास ध्यान रखें
2026 में दिल्ली-NCR का मौसम साफ संकेत दे रहा है कि इस बार गर्मी लंबी और ज्यादा तेज हो सकती है। मार्च की शुरुआत में ही 35 डिग्री के करीब पहुंचता तापमान आने वाले महीनों की चेतावनी है। अगर मौसम का यही मिजाज रहा, तो राजधानी को अप्रैल-मई में भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
