“Laura Wolvaardt ने लिखा इतिहास: महिला वर्ल्ड कप फाइनल में पहली बार गूंजी सेंचुरी की गूंज”
क्रिकेट के इतिहास में आज का दिन हमेशा के लिए सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया। दक्षिण अफ्रीका महिला टीम की कप्तान Laura Wolvaardt ने भारत के खिलाफ ICC Women’s ODI World Cup 2025 के फाइनल में शतक जड़कर ऐसा कारनामा कर दिखाया, जो अब तक किसी महिला क्रिकेटर ने नहीं किया था।वो बन गईं महिला क्रिकेट इतिहास की पहली खिलाड़ी, जिन्होंने वर्ल्ड कप फाइनल में सेंचुरी ठोकी।
Laura Wolvaardt: जब कप्तानी का दबाव बन गया जुनून
क्रिकेट का सबसे बड़ा मंच — वर्ल्ड कप फाइनल, और सामने भारत जैसी टीम। पर Laura Wolvaardt के चेहरे पर न कोई घबराहट थी, न कोई दबाव। उन्होंने जैसे मैदान पर कदम रखा, दर्शक समझ गए कि आज कुछ खास होने वाला है। हर शॉट में क्लास झलक रही थी, हर रन में भरोसा। उन्होंने 101 रनों की पारी खेलकर न सिर्फ रिकॉर्ड बनाया, बल्कि अपनी टीम को आत्मविश्वास भी दिया कि फाइनल में जीत नामुमकिन नहीं होती।
इतिहास रचने वाली पहली महिला कप्तान
Laura Wolvaardt ने आज न सिर्फ शतक बनाया, बल्कि एक ऐसा रिकॉर्ड भी अपने नाम किया जो आने वाले कई सालों तक कोई नहीं तोड़ पाएगा। वो बन गई हैं महिला क्रिकेट की पहली कप्तान, जिन्होंने ODI World Cup Final में सेंचुरी ठोकी। उनकी पारी में शालीनता, शांति और आक्रामकता का ऐसा मिश्रण था जो दर्शकों को भी खड़ा कर applause देने पर मजबूर कर गया।
“क्लास और कप्तानी” – Laura Wolvaardt का ट्रेडमार्क
वो बल्लेबाज हैं जो सिर्फ चौके-छक्के नहीं मारतीं, बल्कि रन बनाते हुए मैच की कहानी भी लिखती हैं। आज उन्होंने भारतीय गेंदबाज़ी के हर प्लान को नाकाम किया। स्मार्ट शॉट सिलेक्शन, शानदार प्लेसिंग और रन चुराने की निपुणता ने यह साबित किया कि वोल्वार्ड्ट केवल खिलाड़ी नहीं, बल्कि क्रिकेट की समझदार दिमाग हैं। उनकी पारी में 12 चौके और बेमिसाल टाइमिंग शामिल थी।
दक्षिण अफ्रीका की ‘Hope Queen’
दक्षिण अफ्रीका महिला टीम के लिए यह फाइनल किसी सपने से कम नहीं था। Laura Wolvaardt इस सपने की रानी बन गईं। उनकी बल्लेबाज़ी ने टीम को स्थिरता दी और उनके आत्मविश्वास ने दर्शकों के दिलों में उम्मीद की नई लौ जला दी। सोशल मीडिया पर उन्हें “Queen Laura”, “Captain Cool” और “The Silent Storm” के नाम से ट्रेंड किया जा रहा है।
फैंस और क्रिकेट लीजेंड्स की प्रतिक्रिया
फैंस का कहना है — “ये सिर्फ एक सेंचुरी नहीं थी, बल्कि क्रिकेट की कला का नमूना थी।” भारतीय और विदेशी क्रिकेट एक्सपर्ट्स ने भी माना कि Laura Wolvaardt ने आज महिला क्रिकेट को एक नई ऊँचाई दी है।पूर्व भारतीय कप्तान मिताली राज ने ट्वीट किया —
“Laura की ये पारी इतिहास बन चुकी है। Calm, composed और complete control — यही असली लीडरशिप है।”
नतीजा चाहे जो भी हो, इतिहास लिखा जा चुका है
फाइनल का परिणाम जो भी हो, लेकिन आज की शाम महिला क्रिकेट की जीत के नाम रही। Laura Wolvaardt ने दिखा दिया कि क्रिकेट सिर्फ मर्दों का खेल नहीं — बल्कि वो मंच है, जहाँ महिलाएँ भी अपनी कहानी सोने के अक्षरों में लिख सकती हैं।
