Income Tax Audit 2025 : रिपोर्ट की नई डेडलाइन, अब 31 अक्टूबर 2025 तक मिली राहत!
सेंट्रल बोर्ड ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज़ (CBDT) ने इस साल ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने की तारीख बढ़ा दी है। जो टैक्सपेयर्स पहले 30 सितंबर 2025 तक अपनी रिपोर्ट जमा करने वाले थे, अब उन्हें 31 अक्टूबर 2025 तक का समय मिल गया है।
यह फैसला छोटे कारोबारियों से लेकर बड़ी कंपनियों तक सभी के लिए राहत लेकर आया है।
Income Tax Audit 2025:आखिर ऑडिट रिपोर्ट होती क्या है?
इनकम टैक्स एक्ट की धारा 44AB के तहत जिन कारोबारियों या प्रोफेशनल्स की इनकम या टर्नओवर एक निश्चित सीमा से ऊपर होती है, उन्हें अपने अकाउंट्स की ऑडिट रिपोर्ट दाखिल करनी होती है।
यह रिपोर्ट असल में एक तरह का “वित्तीय हेल्थ चेकअप” होती है — जिसमें आपके कारोबार के लेन-देन, खर्चे, मुनाफे और टैक्स भुगतान की पूरी तस्वीर पेश की जाती है।
CA (चार्टर्ड अकाउंटेंट) इस रिपोर्ट को तैयार करता है और इसे इनकम टैक्स पोर्टल पर ई-फाइल किया जाता है।
किन लोगों को ऑडिट रिपोर्ट फाइल करनी जरूरी है?
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बिज़नेस करने वाले टैक्सपेयर्स:
जिनका टर्नओवर ₹1 करोड़ (या कुछ मामलों में ₹10 करोड़ तक) से अधिक है। -
प्रोफेशनल्स:
जैसे डॉक्टर, वकील, आर्किटेक्ट या कंसल्टेंट — जिनकी सालाना ग्रॉस रसीद ₹50 लाख से अधिक हो। -
प्रेज़म्प्टिव टैक्सेशन स्कीम से बाहर निकलने वाले टैक्सपेयर्स
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इंटरनेशनल या स्पेसिफाइड डोमेस्टिक ट्रांजैक्शन वाले केस
इन सभी को ऑडिट रिपोर्ट अनिवार्य रूप से देनी होती है। देर करने पर पेनल्टी भी लग सकती है।
FY 2024-25 / AY 2025-26 के लिए नई डेडलाइन
CBDT ने जारी नोटिफिकेशन में कहा है कि:
“FY 2024-25 के लिए ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने की आखिरी तारीख अब 31 अक्टूबर 2025 तक बढ़ाई जाती है।”
पहले यह डेडलाइन 30 सितंबर 2025 थी।
यह बढ़ोतरी खासतौर पर उन टैक्सपेयर्स के लिए है जो सेक्शन 139(1) के एक्सप्लनेशन 2(a) के अंतर्गत आते हैं।
यानि, जिन्हें टैक्स ऑडिट अनिवार्य रूप से कराना पड़ता है।
इकोनॉमिक टाइम्स और टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला इस साल टैक्स फाइलिंग पोर्टल पर आ रही तकनीकी मुश्किलों और CA’s के कार्यभार को देखते हुए लिया गया है।
ITR फाइलिंग की तारीख पर क्या असर पड़ेगा?
हाँ, थोड़ा असर पड़ेगा।
जिन टैक्सपेयर्स को ऑडिट रिपोर्ट फाइल करनी होती है, उनकी ITR फाइलिंग की डेडलाइन भी सामान्यतः एक महीना आगे होती है।
यानि कि, ITR फाइलिंग की अंतिम तारीख अब 30 नवंबर 2025 तक मानी जा सकती है।
इसलिए अगर आपने अभी तक अपनी ऑडिट रिपोर्ट तैयार नहीं कराई है, तो आपके पास पूरे 31 अक्टूबर 2025 तक का समय है — लेकिन देर करने पर ITR में दिक्कत आ सकती है।
देर से फाइल करने पर नुकसान क्या?
अगर आपने ऑडिट रिपोर्ट समय पर नहीं जमा की, तो आपको मिल सकता है…
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पेनल्टी:
धारा 271B के तहत टर्नओवर का 0.5% या ₹1,50,000 तक जुर्माना। -
रिफंड में देरी:
देर से रिपोर्ट देने पर ITR प्रोसेसिंग और रिफंड जारी होने में समय लग सकता है। -
टैक्स बेनिफिट का नुकसान:
कुछ कटौतियाँ और छूटें खो सकती हैं। -
सिस्टम फ्लैग:
पोर्टल पर आपका टैक्स अकाउंट “Non-compliant” दिख सकता है।
समय पर ऑडिट रिपोर्ट फाइल करने के लिए जरूरी टिप्स
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अकाउंट बुक्स की तैयारी समय से शुरू करें – बैंक स्टेटमेंट, इनवॉइस और खर्चों की फाइलें पहले से तैयार रखें।
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CA से लगातार संपर्क में रहें – UDIN (Unique Document Identification Number) अपडेट करवाएं।
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इनकम टैक्स पोर्टल पर रिपोर्ट अपलोड जल्दी करें – आखिरी हफ्ते तक इंतज़ार न करें, सर्वर अक्सर स्लो हो जाता है।
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डिजिटल रिकॉर्डिंग अपनाएं – पेपरवर्क की जगह क्लाउड-बेस्ड अकाउंटिंग से काम आसान बनाएं।
CBDT का यह कदम टैक्सपेयर्स के लिए राहत की सांस है।
अब 31 अक्टूबर 2025 तक का समय मिलने से कारोबारियों और प्रोफेशनल्स को रिपोर्ट फाइल करने में थोड़ी राहत जरूर मिलेगी, लेकिन इसे “एक्सटेंशन” नहीं बल्कि “अवसर” की तरह लें।
क्योंकि जो टैक्सपेयर्स समय से तैयारी कर लेते हैं, वही साल के अंत में बिना तनाव के अपने फाइनेंस मैनेज कर पाते हैं।
तो अगर आप भी ऑडिट रिपोर्ट के दायरे में आते हैं — 31 अक्टूबर 2025 को “डेडलाइन” नहीं, “डिलीवरी डेट” मानें!
