Smartphone battery tips:चार्जर में फंसा छोड़ दिया डिवाइस? ये छोटी सी गलती बन सकती है बड़े खतरे की वजह!
क्या आप भी अक्सर अपना स्मार्टफोन या लैपटॉप चार्ज में लगाकर भूल जाते हैं? सोचते हैं — “कोई बात नहीं, 100% चार्ज हो जाने के बाद खुद ही रुक जाएगा!”
लेकिन यही सोच कभी-कभी आपके लिए बड़ा खतरा बन सकती है।
आज के दौर में हर घर में चार्जर, पावर बैंक और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस आम हो चुके हैं। मगर ओवरचार्जिंग की ये छोटी सी आदत न सिर्फ आपकी बैटरी लाइफ कम करती है, बल्कि कभी-कभी आग या विस्फोट जैसी घटनाओं का कारण भी बन सकती है।
Smartphone battery tips: 100% चार्ज के बाद भी नहीं रुकता खतरा
ज्यादातर लोगों का मानना है कि अब के फोन “स्मार्ट” हैं, इसलिए चार्जिंग अपने आप बंद हो जाती है।
लेकिन टेक एक्सपर्ट्स का कहना है कि 100% बैटरी के बाद भी चार्जर बिजली देता रहता है, ताकि फोन का लेवल लगातार 100% बना रहे।
इस प्रक्रिया से बैटरी पर “माइक्रो-लोड” पड़ता है, जिससे वह धीरे-धीरे गर्म होने लगती है और स्ट्रेस में आती है।
लंबे समय तक ऐसा होने पर लिथियम-आयन बैटरी के अंदर केमिकल्स अस्थिर (unstable) हो जाते हैं, जिससे
-
बैटरी फूल सकती है,
-
शॉर्ट सर्किट हो सकता है,
-
और कभी-कभी फोन फटने तक की स्थिति बन जाती है।
एक्सपर्ट्स की चेतावनी: “ओवरचार्जिंग धीरे-धीरे मारती है बैटरी को”
पावर इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरों के अनुसार, हर बार बैटरी को 100% तक चार्ज करने से उसकी लाइफ स्पैन 20–30% तक घट जाती है।
अगर डिवाइस को बार-बार पूरी रात चार्जिंग पर छोड़ा जाए, तो बैटरी के अंदर हीट बिल्डअप होता है जो फोन के मदरबोर्ड को भी डैमेज कर सकता है।
कुछ रिपोर्ट्स में तो यह भी पाया गया कि रातभर चार्ज में छोड़े गए फोन तकिए या बिस्तर के नीचे रखे जाने से आग पकड़ लेते हैं, क्योंकि हीट बाहर नहीं निकल पाती।
कैसे बचें इस खतरे से?
1. हमेशा ऑरिजिनल चार्जर इस्तेमाल करें – लोकल चार्जर वोल्टेज को सही से कंट्रोल नहीं कर पाते, जिससे डिवाइस डैमेज का खतरा रहता है।
2. 80–85% तक ही चार्ज करें – विशेषज्ञों के मुताबिक, बैटरी को पूरी तरह चार्ज करने की ज़रूरत नहीं। यह आदत बैटरी की उम्र बढ़ाती है।
3. चार्जिंग के दौरान फोन का इस्तेमाल न करें – इससे डिवाइस ज्यादा गर्म होता है और बैटरी पर दबाव पड़ता है।
4. तकिए, कंबल या बंद जगह में चार्ज न करें – हीट बाहर नहीं निकलने से फायर रिस्क बढ़ता है।
5. रातभर चार्ज पर फोन न छोड़ें – सबसे आम और सबसे खतरनाक गलती।
“स्मार्ट चार्जिंग” फीचर है, लेकिन सीमित भरोसा
कई प्रीमियम डिवाइस में आजकल “Adaptive” या “Smart Charging” सिस्टम दिए जाते हैं, जो चार्जिंग स्पीड और लेवल को खुद एडजस्ट करते हैं।
लेकिन यह सिस्टम भी हर हाल में कारगर नहीं होता। अगर तापमान ज्यादा है, चार्जर पुराना है या बिजली में फ्लक्चुएशन है, तो यह तकनीक भी फेल हो सकती है।
इसलिए स्मार्ट चार्जिंग पर पूरी तरह निर्भर रहने के बजाय चार्ज पूरा होते ही डिवाइस निकालना सबसे सुरक्षित तरीका है।
याद रखें — सुरक्षा से बड़ी कोई टेक्नोलॉजी नहीं
आपका स्मार्टफोन चाहे कितना भी एडवांस्ड क्यों न हो, अगर उसे गलत तरीके से चार्ज किया जाए तो वो भी खतरा बन सकता है।
सिर्फ डिवाइस की नहीं, घर और परिवार की सुरक्षा भी दांव पर लग सकती है।
तो अगली बार जब आप फोन चार्ज में लगाकर छोड़ें, याद रखें —
“स्मार्ट सिर्फ फोन नहीं, यूज़र को भी होना चाहिए।”
